कब्ज (Constipation): कारण, लक्षण, बचाव और सही इलाज
कब्ज एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है, जिसमें व्यक्ति को ठीक से पेट साफ नहीं हो पाता। आजकल बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण कब्ज की समस्या बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में तेजी से बढ़ रही है।

कब्ज क्या है?
जब आंतों की गति धीमी हो जाती है और मल सख्त हो जाता है, तब पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता। अगर हफ्ते में तीन से कम बार पेट साफ हो या मल त्याग में ज़ोर लगाना पड़े, तो इसे कब्ज की समस्या माना जाता है।
कब्ज होने के मुख्य कारण
फाइबर की कमी वाला भोजन, कम पानी पीना, लंबे समय तक बैठकर काम करना, व्यायाम न करना, बार-बार मल रोकना और तनाव कब्ज के प्रमुख कारण हैं। कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी कब्ज हो सकती है।
कब्ज के सामान्य लक्षण
पेट भारी रहना, पेट दर्द, गैस बनना, भूख न लगना, मल त्याग के समय दर्द होना और अधूरा पेट साफ होने का एहसास कब्ज के आम लक्षण हैं।
कब्ज से बचाव कैसे करें?
रोजाना फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं और समय पर पेट साफ करने की आदत डालें। नियमित रूप से टहलना और हल्की एक्सरसाइज करना बहुत फायदेमंद होता है।
कब्ज होने पर क्या करें?
हल्का और सुपाच्य भोजन लें। गुनगुना पानी पीना मददगार हो सकता है। डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक जुलाब या दवाइयों का सेवन न करें, क्योंकि इससे आंतें कमजोर हो सकती हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहे, पेट में तेज दर्द हो, वजन तेजी से घट रहा हो या मल में खून आए, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
Hardik Hospital में पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं की सही जांच और सुरक्षित इलाज अनुभवी डॉक्टरों द्वारा किया जाता है, जिससे मरीज को जल्दी राहत मिलती है।

